Islamic Blog

Islamic Updates




Islamic Information

उसका नाम अम्र बिन अब्दे वुद्द था

उसका नाम अम्र बिन अब्दे वुद्द था- ये अगरचा नव्वे बरस का खुर्राट बुड्डा था मगर एक हज़ार सवारों के बराबर बहादुर माना जाता था और कट्टर यहूदी था- जंगे बद्र में ज़ख्मी होकर भाग निकला था और उसने ये क़सम खा रखी थी कि:
“जब तक मुसलमानों से बदला ना ले लूंगा बालों में तेल ना डालूंगा और जी भर के खाना नहीं खाऊंगा…”
जंगे खंदक में ये आगे बढ़ा और चिल्ला चिल्ला कर मुक़ाबले की दावत देने लगा तीन मर्तबा उसने कहा कि:
“कौन है जो मेरे मुक़ाबले को आता है…?”
तीनों मर्तबा शेरे खुदा हज़रत अली کرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم ने उठकर जवाब दिया कि:
*मैं……..*
प्यारे नबी खातिमुन्नबीईन सैय्यदुल मुरसलीन रहमतुल्लिल आलमीन रिसालत मआब हज़रत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ ने आप अली کرم اللہ تعالٰی علیہ وجہہ الکریم को रोकना चाहा और फरमाया कि:
“अय अली ये अम्र बिन अब्दे वुद्द है”
शेरे खुदा हज़रत अली کرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم ने अर्ज़ किया कि:
“जी हां मैं जानता हूं कि ये अम्र बिन अब्दे वुद्द है.. लेकिन मैं इससे लड़ूंगा…”

ये सुनकर ताजदारे नबूव्वत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ ने अपनी खास तलवार ज़ुल्फिक़ार अपने दस्ते मुबारक से हैदरे कर्रार हज़रत अलीکرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم के मुक़द्दस हाथ में दे दी और अपने मुबारक हाथों से उनके सरे अनवर पर अमामा बांधा और ये दुआ फरमाई कि:
“या अल्लाह ! तू अली की मदद फरमा…”
हज़रत असदुल्लाह ग़ालिब अली इब्ने अबी तालिब رضی ﷲ تعالیٰ عنہ मुजाहिदाना शान से उसके सामने खड़े हो गए और दोनों में इस तरह मुकालमा शुरू हुआ-
हज़रते अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ:
“अय अम्र बिन अब्दे वुद्द ! तू मुसलमान हो जा बेहतर यही है तेरे लिए…”
अम्र बिन अब्दे वुद्द:
“ये मुझसे कभी हरगिज़ हरगिज़ नहीं हो सकता..”
हज़रते अली:
“लड़ाई से वापस चला जा…”
अम्र बिन अब्दे वुद्द:
“ये मुझे मंज़ूर नहीं…”
हज़रते अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ:
“तो फिर मुझसे जंग कर….”
अम्र बिन अब्दे वुद्द ने हंसकर कहा कि:
“मैं कभी ये सोच भी नहीं सकता था कि दुनियां में कोई मुझको जंग की दावत देगा..”
हज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ :
“लेकिन मैं तुझसे लड़ना चाहता हूं-”
अम्र बिन अब्दे वुद्द:
“आखिर तू है कौन…किसका बच्चा है… और नाम क्या है…?”

हज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ :
“मैं अली इब्न अबी तालिब हूं…*
अम्र बिन अब्दे वुद्द:
“ओह अय भतीजे ! तुम अभी बहुत ही कम उम्र हो मैं तुम्हारा खून बहाना पसंद नहीं करता-”
हज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ :
“लेकिन मैं तुम्हारा खून बहाना बेहद पसंद करता हूं-”
चुनांचा अब्दे वुद्द खून खौला देने वाले ये गर्म गर्म जुमले सुनकर मारे गुस्से के आपे से बाहर हो गया- शेरे खुदा हज़रत अलीکرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم पैदल थे और ये सवार था- उस पर जो ग़ैरत सवार हुई तो घोड़े से उतर पड़ा और अपनी तलवार से घोड़े के पांव काट डाले और नंगी तलवार लेकर आगे बढ़ा और हज़रत अली کرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم पर तलवार का भरपूर वार किया- शेरे खुदा हज़रत अली ने तलवार के उस वार को अपनी ढाल पर रोका- ये वार इतना सख्त था कि तलवार ढाल और अमामा को काटती हुई पेशानी पर लगी…गो बहुत गहरा ज़ख्म नहीं लगा मगर फिर भी ज़िंदगी भर ये तुग़रा आपकी पेशानी पर यादगार बनकर रह गया- शेरे खुदा हज़रत अली ने तड़प कर ललकारा कि:
“अय अम्र संभल जा अब मेरी बारी है…”
ये कहकर असदुल्लाह ग़ालिब کرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم ने ज़ुल्फ़िक़ार का ऐसा जचा तुला हाथ और इतना ज़बरदस्त वार मारा कि तलवार दुश्मन के शाने को काटती हुई कमर से पार हो गई…मगर उसे एहसास तक ना हुआ कि ये हुआ क्या है…और बोला:
“और कोशिश करो…”
ये कहते हुए थोड़ा पीछे हुआ तो दो टुकड़े हुआ और तिलमिला कर ज़मीन पर गिरा और दमे ज़द्न में मर कर फिन्नार हो गया और मैदाने कारज़ार ज़बाने हाल से पुकार उठा कि:
*#शाहे_मर्दां_शेरे_यज़्दां_क़ुव्वते_परवरदिगार*
*#ला_फता_इल्ला_अली_ला_सैफ_इल्ला_ज़ुल्फ़िक़ार*
*#شاہِ_مرداں_شیرِ_یزداں_قوتِ_پروردگار*
#لَا_فَتٰي_اِلَّا_عَلِي_لَا_سَيْفَ_اِلَّا_ذُوالْفِقَار*

हज़रत अली ने उसको क़त्ल किया और मुंह फेर कर चल दिए..हज़रत उमर رضی اللہ تعالیٰ عنہ ने कहा:
“अय अली (کرم اللہ تعالیٰ وجہہ الکریم)! आपने अम्र बिन अब्दे वुद्द की ज़िरह क्यूं नहीं उतार ली..सारे अरब में उससे अच्छी कोई ज़िरह नहीं है…..?”
आपने फ़रमाया कि:
“अय उमर (رضی اللہ تعالیٰ عنہ) ज़ुल्फ़िक़ार की मार से वो इस तरह बेक़रार होकर ज़मीन पर गिरा कि उसकी खुल गई इसलिए हया की वजह से मैंने मुंह फेर लिया….!!!”
(زُرقانی ج۲ ص۱۱۴ : بحوالہ سیرت مصطفٰے ﷺ ، حضرت عبدالمصطفیٰ اعظمی مجددی)…

Aafreen Seikh is an Software Engineering graduate from India,Kolkata i am professional blogger loves creating and writing blogs about islam.
Latest posts by Aafreen Seikh (see all)
Aafreen Seikh is an Software Engineering graduate from India,Kolkata i am professional blogger loves creating and writing blogs about islam.