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तरावीह़ और नमाज़ में अक्सर पढ़ी जाने वाली दस सूरतें और तस्बीह़े तरावीह़ अ़रबी और हिन्दी में याद करें

*तरावीह़ और नमाज़ में अक्सर पढ़ी जाने वाली दस सूरतें और तस्बीह़े तरावीह़ अ़रबी और हिन्दी में याद करें* 👇🏻

*أَعُوْذُ بِاللّٰهِ مِنَ ألشَّيْطَانِ ألرَّجِيْمِ*

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

सूरह फ़ातिह़ा अरबी में👇

الْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعَالَمِيْنَ ﴿ ١ ﴾ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيْمِ ﴿ ٢ ﴾ مَالِكِ يَوْمِ الدِّيْنِ ﴿ ٣ ﴾ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِيْنُ ﴿ ٤ ﴾ إِهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيْمَ﴿ ٥ ﴾ صِرَاطَ الَّذِيْنَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ﴿ ٦ ﴾ غَيْرِ الْمَغْضُوْبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّيْنَ ﴿ ٧ ﴾

सूरह फ़ातिह़ा हिंदी में👇

अऊ़ज़ुबिल्लाहि मिनश्शैत़ानिर्रजीम।
बिस्मिल्लाहिर्रह़मानिर्रह़ीम।

अल्ह़म्दुलिल्लाहिरब्बिल् आ़लमीन। अर्रह़्मानिर्रह़ीम। मालिकि यौमिद्दीन। इय्याका नअ़्बुदु व इय्याका नस्तई़न। इहदिनस़्स़िरात़ल् मुस्तक़ीम। स़िरात़ल्लज़ीना अन्अ़म्ता अ़लैहिम्। ग़ैरिल्मग़्द़ूबि अ़लैहिम् व लद़द़ाल्लीन। आमीन्

1️⃣ सूरह फील अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَابِ الْفِيْلِ﴿ ١ ﴾أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِي تَضْلِيْلٍ ﴿ ٢ ﴾وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيْلَ﴿ ٣ ﴾تَرْمِيْهِمْ بِحِجَارَةٍ مِنْ سِجِّيْلٍ﴿ ٤ ﴾فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَأْكُوْلٍ ﴿ ٥ ﴾

1️⃣ सूरह फ़ील हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

अलम् तराकैफ़ा फ़अ़ला रब्बुका बिअस़्ह़ाबिल् फ़ील ।
अलम् यज्अ़ल् कैदहुम् फ़ी तद़्लील । व अर्सला अ़लैहिम् त़ैरन् अबाबील। तर्मीहिम् बिह़िजारतिम् मिन् सिज्जील। फ़ज्अ़लहुम् कअ़स़्फ़िम् मअ्कूल्।

2️⃣ सूरह क़ुरैश अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

لِإِيْلَافِ قُرَيْشٍ﴿ ١ ﴾إِيْلَافِهِمْ رِحْلَةَ الشِّتَاءِ وَالصَّيْفِ﴿ ٢ ﴾فَلْيَعْبُدُوْا رَبَّ هَذَا الْبَيْتِ ﴿ ٣ ﴾الَّذِي أَطْعَمَهُمْ مِنْ جُوْعٍ وَآمَنَهُمْ مِنْ خَوْفٍ ﴿ ٤ ﴾

2️⃣ सूर ए क़ुरैश हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

लिईलाफ़ि क़ुरैश। ईलाफ़िहिम् रिह़्लतश्शिताई वस़्स़ैफ़। फ़ल्यअ़्बुदु रब्बहाज़ल् बैत। अल्लज़ी अत़्अ़महुम् मिन् जू इव व आमनाहुम् मिन् ख़ौफ़्।

3️⃣ सूरह माऊन अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

أَرَأَيْتَ الَّذِي يُكَذِّبُ بِالدِّيْنِ ﴿ ١ ﴾فَذَلِكَ الَّذِي يَدُعُّ الْيَتِيْمَ ﴿ ٢ ﴾وَلَا يَحُضُّ عَلَى طَعَامِ الْمِسْكِيْنِ ﴿ ٣ ﴾فَوَيْلٌ لِلْمُصَلِّيْنَ﴿ ٤ ﴾الَّذِيْنَ هُمْ عَنْ صَلَاتِهِمْ سَاهُوْنَ ﴿ ٥ ﴾الَّذِيْنَ هُمْ يُرَاءُوْنَ ﴿ ٦ ﴾وَيَمْنَعُوْنَ الْمَاعُوْنَ ﴿ ٧ ﴾

3️⃣ सूरह माऊ़न हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

अरा आऐतल्लज़ी यू कज़्ज़िबु बिद्दीन। फ़ज़ालिकल् लज़ी यदुउ़्उ़ल् यतीम। वलायह़ुद़्द़ु अ़ला त़आ़मिल् मिस्कीन। फ़वैलुल्लिल् मुस़ल्लीन।अल्लज़ीना हुम् अ़न् स़लातिहिम् साहून। अल्लज़ीना हुम् युराऊना। व यम्नाऊ़नल् माऊ़न।

4️⃣ सूरह कौसर अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ ﴿ ١ ﴾فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَانْحَرْ ﴿ ٢ ﴾إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ الْأَبْتَرُ﴿ ٣ ﴾

4️⃣ सूरह कौसर हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

इन्ना अअ़्त़ैनाकल् कौसर। फ़स़ल्लि लि रब्बिका वन्ह़र्। इन्नाशानिअका हुवल् अब्तर्।

5️⃣ सूरह काफ़िरून अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

قُلْ يٰأَيُّهَا الْكَافِرُوْنَ﴿ ١ ﴾لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُوْنَ﴿ ٢ ﴾وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُوْنَ مَا أَعْبُدُ ﴿ ٣ ﴾وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَا عَبَدْتُمْ ﴿ ٤ ﴾وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُوْنَ مَا أَعْبُدُ ﴿ ٥ ﴾لَكُمْ دِيْنُكُمْ وَلِيَ دِيْنِ ﴿ ٦ ﴾

5️⃣ सूरह काफ़िरून हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

क़ुल् या अय्युहल् काफ़िरून। ला अअ़्बुदु मा तअ़्बुदून। वला अन्तुम् आ़बिदूना मा अअ़्बुद। वला अना आ़बिदुम् मा आबत्तुम्। वला अन्तुम् आ़बिदूना मा अअ़्बुद। लकुम् दीनुकुम् वलियदीन्।

6️⃣ सूरह नसर अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللّٰهِ وَالْفَتْحُ ﴿ ١ ﴾وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُوْنَ فِي دِيْنِ اللّٰهِ أَفْوَاجًا ﴿ ٢ ﴾فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا ﴿ ٣ ﴾

6️⃣ सूरह नस़र हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

इज़ा जाअ नस़रुल्लाहि वल् फ़त्ह़। वराअऐतन्नासा यद्ख़ुलूना फ़ीदीनिल्लाहि अफ़्वाजा । फ़सब्बिह़् बिह़म्दि रब्बिक वस्तग़्फ़िर्ह । इन्नहू काना तव्वाबा ।

7️⃣ सूरह लहब अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ ﴿ ١ ﴾مَا أَغْنَى عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ﴿ ٢ ﴾سَيَصْلَى نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ ﴿ ٣ ﴾وَامْرَأَتُهُ حَمَّالَةَ الْحَطَبِ ﴿ ٤ ﴾فِي جِيْدِهَا حَبْلٌ مِنْ مَّسَدٍ ﴿ ٥ ﴾

7️⃣ सूरह लहब हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम ।

तब्बत यदा अबी लहबिव् व तब्ब । मा अग़्ना अ़न्हु मालुहू वमा कसब। सयस़्ला नारन् ज़ाता लहब । वमराअतुहु ह़म्मालतल् ह़त़ब । फ़ीजीदिहा ह़ब्लुम् मिम् मसद ।

8️⃣ सूरह इख़्लास़ अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

قُلْ هُوَ اللّٰهُ أَحَدٌ ﴿ ١ ﴾اللّٰهُ الصَّمَدُ﴿ ٢ ﴾لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُوْلَدْ﴿ ٣ ﴾وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ ﴿ ٤ ﴾

8️⃣ सूरह इख़्लास़ हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम।

क़ुल हुवल्लाहु अह़द् ।अल्लाहुस़्स़मद् । लम् यलिद् । व लम् यूलद् । व लम् य कुल्लहू कुफ़ुवन् अह़द्।

9️⃣ सूरह फ़लक़् अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ﴿ ١ ﴾مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ﴿ ٢ ﴾وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿ ٣ ﴾وَمِنْ شَرِّ النَّفّٰثّٰتِ فِي الْعُقَدِ ﴿ ٤ ﴾وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿ ٥ ﴾

9️⃣ सूरह फ़लक़् हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम।

क़ुल् अऊ़ज़ु बिरब्बिल् फ़लक़् । मिन् शर्रिमा ख़लक़् । व मिन् शर्रि ग़ासिक़िन् इज़ा वक़ब् । व मिन् शर्रिन् नफ़्फ़ासाति फ़िल् उ़क़द् । वमिन् शर्रिह़ासिदिन् इज़ा ह़सद् ।

1️⃣0️⃣ सूरह नास अरबी में👇

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ النَّاسِ﴿ ١ ﴾مَلِكِ النَّاسِ﴿ ٢ ﴾إِلٰهِ النَّاسِ ﴿ ٣ ﴾مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ﴿ ٤ ﴾الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُوْرِ النَّاسِ ﴿ ٥ ﴾مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ ﴿ ٦ ﴾

1️⃣0️⃣ सूरह नास हिंदी में👇

बिस्मिल्लाहिर्रह़्मानिर्रह़ीम।

क़ुल् अऊ़ज़ु बिरब्बिन्नास । मलिकिन्नास । इलाहिन्नास । मिन् शर्रिल् वस्वासिल् ख़न्नास । अल्लज़ी यु वस्विसु फ़ी स़ुदूरिन्नास । मिनल् जिन्नति वन्नास ।

*तस्बीहे तरावीह अरबी में👇*

हर 4.रकअत तरावीह के बाद ये दुआ पढ़ें,

*بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ*

سُبْحَانَ ذِي الْمُلْكِ وَالْمَلَكُوْتِ ﴿﴾ سُبْحَانَ ذِي الْعِزَّةِ وَالْعَظَمَةِ وَالْهَيْبَةِ وَالْقُدْرَةِ وَالْكِبْرِيَاءِ وَالْجَبَرُوْتِ ﴿﴾سُبْحَانَ الْمَلِكِ الْحَيِّ الَّذِيْ لَا يَنَامُ وَلَا يَمُوْتُ ﴿﴾سُبُّوْحٌ قُدُّوْسٌ رَبُّنَا وَ رَبُّ الْمَلَائِكَةِ وَالرُّوْحُ ﴿﴾
اَللّٰهُمَّ أَجِرْنَا مِنَ النَّارِ ﴿﴾ يَامُجِيْرُ يَامُجِيْرُ يَامُجِيْرُ ﴿﴾ بِرَحْمَتِكَ يَا اَرْحَمَ الرَّاحِمِيْنَ ﴿﴾

*तस्बीह़े तरावीह़ हिंदी में👇*

हर 4.रकअत तरावीह के बाद ये पढ़ें,

सुब्ह़ाना ज़िल् मुल्कि वल् मलकूत। सुब्ह़ाना ज़िल् इ़ज़्ज़ति वल् अ़ज़मति वल् हैबति वल् क़ुद्रति वल् किबरियाइ वल् जबरूत। सुब्ह़ानल् मलिकिल् ह़य्यिल्लज़ी ला यनामु वला यमूत। सुब्बूह़ुन् क़ुद्दूसुन् रब्बुना व रब्बुल् मलाइकति वर्रूह़ । अल्लाहुम्म अजिर्ना मिनन्नारि या मुजीरु, या मुजीरु, या मुजीर।
बिरह़्मतिका या अर्हमर्राह़िमीन।

*नोट* —- इन सूरतों को याद करने के बाद क़ारी साहब को ज़रूर सुनाएं ताके तलफ़्फ़ुज़ में जो कमी रह गई हो वो दुरुस्त हो जाए,

Source: Facebook Page
Asalam-o-alaikum , Hi i am noor saba from Jharkhand ranchi i am very passionate about blogging and websites. i loves creating and writing blogs hope you will like my post khuda hafeez Dua me yaad rakhna.
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