Islamic Blog

✏ नामे मुबारक :-
1f3b2🎲मुहम्मद (दादा ने रखा)
1f3b2🎲अहमद (वलिदाह ने रखा)
✏पैदाइश तारिख :-
1f3b2🎲12 रबीउल अव्वल सन 570 ई.
✏पैदाइश दिन :-
1f3b2🎲पीर।
✏पैदाइश का वक़्त :-
1f3b2🎲सुबह सादिक़।
✏पैदाइश का शहर :-
1f3b2🎲मक्का शरीफ।
✏दादा का नाम :-
1f3b2🎲शैबा-अब्दुल मुत्तलिब (कुनियत-अबुल हारिस)
✏दादी का नाम :-
1f3b2🎲फातिमा।
✏वालिद का नाम :-
1f3b2🎲अब्दुल्लाह (कुनियत-ज़बीह)
✏वालिदा का नाम :-
1f3b2🎲बीबी आमना (कुनियत-अबुल क़ासिम)
✏नाना का नाम :-
1f3b2🎲वाहब बिन अब्दे मुनाफ।
✏खानदान :-
1f3b2🎲क़ुरैश।
✏दूध पिलाने वाली ख़ादिमा :-
1f3b2🎲उम्मे एयमन. हलीमा सादिया।
✏वालिद का इंतेक़ाल :-
1f3b2🎲आपकी पैदाइश से पहले।
✏वालिदा का इंतेक़ाल :-
1f3b2🎲जब आपकी उम्र 6 साल कि थी
(आपकी वालिदा का इंतेक़ाल अब्वा नाम कि जगह पर हुवा,
जो मक्का और मदीना के बीच में है)
1f3b2🎲वालिद और वालिद एके इंतेक़ाल के बाद।
✏आपकी परवरिश :-
1f3b2🎲दादा अब्दुल मुत्तलिब ने कि
दादा के इंतेक़ाल के वक़्त आपकी उम्र 8 साल थी।
✏दादा ने परवरिश कि :-
1f3b2🎲2 साल।
✏दादा के बाद आपकी परवरिश कि :-
1f3b2🎲चाचा अबु तालिब ने की।
✏आपके लक़ब :-
1f3b2🎲अमीन। (अमानतदार) और सादिक़। (सच्चा)
✏पहला तिजारती सफ़र :-
1f3b2🎲मुल्के शाम।
✏पहला निकाह :-
1f3b2🎲हज़रते
खदीजा रदियल्लाहो तआला अन्हा। (मक्का के लोग ताहिरा नाम
से पुकारते थे)
✏निकाह के वक़्त उम्र :-
1f3b2🎲25 बरस।
✏हज़तरे खदीजा रदियल्लाहु तआला अन्हा कि उम्र :-
1f3b2🎲40 बरस।
✏ऐलाने नुबुव्वत के वक़्त उम्र :-
1f3b2🎲40 बरस।
✏पहली वही कि जगह :-
1f3b2🎲ग़ारे हिरा
(ग़ारे हिरा जबले नूर पहाड़ पर है)
✏वही लाते थे :-
1f3b2🎲हज़रते जिब्रईल अलैहिस्सलाम।
✏पहला नाज़िल लफ्ज़ :-
1f3b2🎲इक़रा (पढ़ो)
✏सबसे पहले औरतो में इस्लाम क़ुबूल किया :-
1f3b2🎲हज़रते खदीजा रदियल्लाहु तआला अन्हा ने।
✏सबसे पहले मर्दो में इस्लाम क़ुबूल किया:-
1f3b2🎲हज़रते अबु बक़र सिद्दीक़ रदियल्लाहो तअला अन्हु ने।
✏सबसे पहले बच्चो में इस्लाम क़ुबूल किया:-
1f3b2🎲हज़रते अली रदियल्लाहो तअला अन्हु ने।
✏आप व आप के साथी बेठा करते थे :-
1f3b2🎲दारे अकरम
(दारे अकरम सफा पहाड़ पर है)
✏पसीना मुबारक :-
1f3b2🎲मुश्क़ से ज्यादा खुशबूदार था।
आप जिस रास्ते से गुज़रते थे लोग पुकार उठते कि यहाँ आप का गुज़र हुवा है।
✏साया :-
1f3b2🎲आप का साया नही था।
✏कद:-
1f3b2🎲न ज्यादा लम्बे न कम दरमियानी था।
✏बाल :-
1f3b2🎲घने और कुछ घुमाव दार थी।
✏आँखे:-
1f3b2🎲माशा अल्लाह बढ़ी और सुर्ख डोरे वाली।
✏कुफ्फार मक्का ने बोकात किया:-
1f3b2🎲नुबुव्वत के ऐलान के 9 वे
साल में।
✏ताइफ़ का सफ़र :-
1f3b2🎲शव्वाल सन 10 नबवी।
✏हज़रते खदीजा व अबु तालिब का इंतिक़ाल :-
1f3b2🎲ऐलाने नुबुव्वत के
दसवे साल मे।
(इस साल को अमूल हुजन भी कहा जाता है)
✏हिजरत :-
1f3b2🎲ऐलाने नुबुव्वत के 13 साल बाद।
✏हिजरत के वक़्त उम्र शरीफ :-
1f3b2🎲53 साल।
✏मक्का से हिजरत :-
1f3b2🎲मदीना कि जानिब।
✏हिजरत के साथी :-
1f3b2🎲हज़रते अबु बक़र सिद्दीक़
रदियल्लाहो तअला अन्हु।
✏हिजरत के वक़्त आपने पनाह ली:-
1f3b2🎲ग़ारे सौर यहाँ आपने तीन
राते गुज़ारी।
✏इस्लामी तारीख का आगाज़ :-
1f3b2🎲आपकी हिजरत से।
✏पहली जंग :-
1f3b2🎲गजवाये बद्र इसमें मुसलमानो कि तादाद 313 और काफिरो कि 1000 थी।
✏हज़रते ज़ैनब से निकाह:-
1f3b2🎲हिजरत के पांचवे साल।
✏आपने निकाह किये :-
1f3b2🎲ग्यारह।
(इतने निकाह आपने इस्लाम और इस्लाम कि तालीमात को फैलाने के लिए किये)
✏दन्दाने मुबारक शहीद हुवे :-
1f3b2🎲जंगे उहद में।
✏सबसे बढे दुश्मन :-
1f3b2🎲अबु लहब, अबु जहल।
✏पर्दा के वक़्त उम्र शरीफ :-
1f3b2🎲63 बरस।
✏पर्दा किया :-
1f3b2🎲मदीना मुनव्वरा में।
1f3b2🎲एक मर्तबा दुरूदे पाक का नजराना पेश कीजिये।
1f3b2🎲अगर आपकी खुबिया बयान करे तो ज़िन्दगी कम है।
1f3b2🎲लेकिन मेने आप तक काफी चीज़े पहुंचायी है।
1f3b2🎲इसे खूब शेयर करे और मेसेज
भी करे।
1f3b2🎲हो सके तो सेव करके महफूज़ रखले ये हमारे आक़ा के मुताल्लिक़ ह
✏ब:हवाला:-
(सीरतूनःनबी- सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)

As-salam-o-alaikum my selfshaheel Khan from india , Kolkatamiss Aafreen invite me to write in islamic blog i am very thankful to her. i am try to my best share with you about islam.
mm