Islamic Blog

में यही दुआ करती हु के आप सब खेरियत में रहे,
बहोत सारी ईमेल & फ़ोन कॉल के बाद मेने तेय किया के आखिर कर में अलविदा माहे रमजान अलविदा आपके लिए लाऊ.
जो आप हिंदी में पढ़ कर याद कर सके और गुन गुना सके.

कल्बे आशिक हे अब पारा पारा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

तेरे आने से दिल खुश हुआ था,
और ज़ोके इबादत बडा था,
आह,अब दिल पे हे गम का गलबा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

नेकिया कुछ न हम कर सके हे,
अह इस्सियाहे में दिन कटे हे,
हाय गफलत में तुझको गुज़ारा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

कोई हुस्न अमल न कर सकी हु,
चाँद आसू नज़र कर रही हु,
यही हे मेरा कुल असासा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

जब गुज़र जायेंगे माह ग्यारा,
तेरी आमद का फिर शोर होगा,
हे कहा ज़िन्दगी का भरोसा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

बज्मे इफ्तार सजती थी केसी,
खूब सहेरी कि रोनक भी होती,
सब समां हो गया सुना सुना,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

याद रमजान की तरपा रही हे
आंसू की जरहे लग गयी हे,
कह रहा हे हर एक कतरा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

तेरे दीवाने सब के सब रो रहे हे,
मुज़्तरिब सब के सब रो रहे हे,
कौन देगा इन्हें अब दिलासा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

में बदकार हु,में हु काहिल,
रह गयी हु इबादत में गाफिल,
मुझसे खुश होके होना रवाना,
हमसे खुश होके होना रवाना,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

वास्ता तुझको प्यारे नबी (स.अ.व.) का,
हशर में मुझे मत भूल जाना,
हशर में हमें मत भूल जाना,
रोज़े महशर मुझे बकशवाना,
रोज़े महशर हमें बकशवाना,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

तुमपे लाखो सलाम माहे रमजान,
तुमपे लाखो सलाम माहे गुफरान,
जाओ हाफिज खुदा अब तुम्हारा,
अलविदा अलविदा माहे रमजान,
अलविदा अलविदा माहे रमजान,
अलविदा अलविदा माहे रमजान.

खुदा से दुआ हे के वो हम और आप के सारे गुनाहों को माफ़ करे. और माहे रमजान के महीने के सदके में हम सबको जन्नत नसीब फरमाए – आमिन.

Aafreen Seikh is an Software Engineering graduate from India,Kolkata i am professional blogger loves creating and writing blogs about islam.
Aafreen Seikh
Latest posts by Aafreen Seikh (see all)