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Isha ki namaz ka Tarika

ISHA KI NAMAZ

Namaze Isha me kul 17 Rak’at h pahle 4 Rak’at Sunnat fir 4 Rak’at Faraz fir 2 Rak’at Sunnat fir 2 Rak’at Nafil iske bad 3 Rak’at Witar (Wajib) Fir 2 Rak’at Nafil
👉🏿4 RAK’AT SUNNAT KI NIYAT- Niyat ki maine 4 Rak’at Namaz Sunnat Isha ki Allah Ta’ala ke liye Sunnat Rasolulah ki Muh mera taraf Kaba Sharif ke (Allahu Akbar)
👉🏿4 RAK’AT FARAZ KI NIYAT- Niyat ki maine 4 Rak’at Namaz Faraz Isha ki Allah Ta’ala ke liye (agr Imam ke pechhe ho to ye bhi kahe’Pichhe is Imam ke’) Muh mera Taraf Kaba Sharif ke (Allahu Akbar)
👉🏿2 RAK’AT SUNNAT KI NIYAT- Niyat ki maine 2 Rak’at Namaz Sunnat Isha ki Allah Ta’ala ke liye Sunnat Rasolullah ki Muh mera taraf Kaba sharif ke (Allahu Akbar)
👉🏿2 RAK’AT NAFIL KI NIYAT- Niyat Ki maine 2 Rak’at Namaz Nafil ki Allah Ta’ala ke liye Muh mera taraf Kaba Sharif ke (Allahu Akbar)
👉🏿3 RAK’AT WITAR KI NIYAt- Niyat ki maine 3 Rak’at Namaz Wajib Witar ki Allah Ta’ala ke liye Muh mera taraf Kaba Sharif ke (ALLAHU AKBAR)
👉🏿 2 RAK’AT NAFIL KI NIYAT- Opar bataya gya hai.

 

Isha namaz time – Isha ki Namaz ka Tarika

बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम

Isha Namaz Time

Isha Namaz Time: यानि वक़्त कब तक होता है ईशा की नमाज़ का वक़्त मगरिब के नमाज़ के ख़त्म होने के बाद से सुरु हो जाता हो और सुबह सेहरी के वक़्त से पहले तक रहता है आप फज्र के नमाज़ से पहले तक ईशा की नमाज़ पढ़ सकते है |

नियत करने का तरीका हिंदी में

नियत की मैंने चार रकात सुन्नत नमाजे ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

 पहली रकात सुन्नत

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

 

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

 

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

 दूसरी रकात सुन्नत

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

 

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

 

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

 

जब आप मुकम्मल तरीके से बैठ जाएँ तो अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत ऊँगली को उठायें फिर अल्लाहु अकबर कहते हुवे तीसरी रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

तीसरी रकात सुन्नत

तीसरी रकात में भी सबसे पहले आप तस्मियाँ यानि बिस्मिल्लाहहिर्रहमा निर्रहीम पढ़ें इसके बाद सूरह फातिहा यानि के अल्हम्दुलिल्लाह  पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें |

 

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

 

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनों सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे चौथी रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

  चौथी रकात सुन्नत 

चौथी रकत में भी आपको सबसे पहले बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ना है इसके बाद सूरह फातिहा यानि के अल्हम्दुलिल्लाह  पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

 

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

 

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनों सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें |

जब आप चौथी रकात की दोनों सजदे मुकम्मल कर लें तो अपने पैरों के पंजो को मोड़ कर बैठ जाएँ जैसे हम नमाज़ में बैठते है | फिर

 

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

फ़र्ज़ नमाज़ में खास ध्यान रखें

4 रकात फ़र्ज़ नमाज़ में कुछ खास ख्याल रखा जाता है जिसे जान्ने के लिए निचे के पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और समझे और इस पर अमल भी करें |

नमाज़ की नियत करने का तरीका हिंदी में

नियत की मैंने चार रकात फ़र्ज़ वक़्त ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें

अगर आप इमाम के पीछे नमाज़ अदा कर रहे हों तो ऐसे नियत करें

नियत की मैंने चार रकात फ़र्ज़ नमाजे ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर, कह कर अपने दोनों दोनों हांथों को अपने नाफ के निचे बाँध ले ये सिर्फ मर्द हजरात के लिए है औरतें अपने सीने पर हाँथ बांधें  |

 पहली रकात फ़र्ज़
  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनों सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें |फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

दूसरी रकात फ़र्ज़

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

जब आप मुकम्मल तरीके से बैठ जाएँ तो अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत ऊँगली को उठायें फिर अल्लाहु अकबर कहते हुवे तीसरी रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

तीसरी रकात फ़र्ज़

किसी भी फ़र्ज़ नमाज़ में खास ख्याल रखें तीसरी और चौथी रकात में निचे दिए गए पोस्ट को ध्यान से पढ़ें |

याद रहे फ़र्ज़ नमाज़ के तीसरी और चौथी रकात में सिर्फ और सिर्फ सूरह फातिहा पढ़ी जाती है उसके बाद बिना कोई सूरह पढ़ें रुकू के लिए चलें जाएँ |

तीसरी रकात में आप सिर्फ तस्मियाँ यानि बिस्मिल्लाहहिर्रहमा निर्रहीम पढ़ें इसके बाद सूरह फातिहा यानि के अल्हम्दुलिल्लाह  पढ़ें

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनों सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे चौथी रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

चौथी रकात फ़र्ज़

चौथी रकत में भी आपको सबसे पहले बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ना है इसके बाद सूरह फातिहा यानि के अल्हम्दुलिल्लाह  पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनों सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें |

जब आप चौथी रकात की दोनों सजदे मुकम्मल कर लें तो अपने पैरों के पंजो को मोड़ कर बैठ जाएँ जैसे हम नमाज़ में बैठते है | फिर

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा प |ढ़ें

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह दाएं जानिब मुंह फेरें |

दो रकात सुन्नत की नियत करने का तरीका

नियत की मैंने दो रकात सुन्नत नमाजे ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

पहली रकात सुन्नत

Isha Namaz Time

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

दूसरी रकात सुन्नत

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें |

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

अब आप दो रकात नफिल के लिए नियत करें |

नियत की मैंने दो रकात नफिल नमाजे ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

पहली रकात नफिल

Isha Namaz Time

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

दूसरी रकात नफिल

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें |

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

अब तीन रकात वित्र की नियत करें |

नियत की मैंने 3 रकात नमाज़ वाजिब वित्र की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

पहली रकात वित्र

   Isha Namaz Time

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

दूसरी रकात वित्र

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

जब आप मुकम्मल तरीके से बैठ जाएँ तो अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत ऊँगली को उठायें फिर अल्लाहु अकबर कहते हुवे तीसरी रकात के लिए खड़े हो जाएँ |

तीसरी रकात वित्र

तीसरी रकात में भी सबसे पहले आप तस्मियाँ यानि बिस्मिल्लाहहिर्रहमा निर्रहीम पढ़ें इसके बाद सूरह फातिहा यानि के अल्हम्दुलिल्लाह  पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें |

यहाँ आप रुकू में ना जाएँ बल्कि अल्लाहु अकबर कहते हुवे अपने दोनों हांथों को कानो के लॉ तक ले जाएँ और फिर अपने नाफ के निचे बाँध लें |

हाँथ बाँधने के बाद एक मर्तबा आप दुआ ए क़ुनूत पढ़ें | अगर आप में से किसी को दुआ ए क़ुनूत याद न हो तो आप ये पढ़ लें इन्शाह अल्लाह आपकी नमाज़ कुबूल हो जाएगी |

रब्बाना आतिना फिद दुनिया
हसनातउ व फिल आख़िरति हसनातउ
वकिना अजाबन नार

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें |

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

अब आप दो रकात नफिल के लिए नियत करें |

नियत की मैंने दो रकात नफिल नमाजे ईशा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

पहली रकात नफिल

isha namaz time

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें सना यानि सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |

उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

दूसरी रकात नफिल

दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है |

  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें

और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

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Source:duanamaz

Aafreen Seikh is an Software Engineering graduate from India,Kolkata i am professional blogger loves creating and writing blogs about islam.
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1 COMMENTS

  1. namaz se talukat sabhi jankari de hain alhamdo lilla. acha ilm mahsoos kiya hu. maine namaz books
    se bhi achi janakri hasil ki thi jo ki bilkul free online save hai jo namaz or sare deeni ahkaam ke baare me usme bataya gaya hain aap ne bhi achi jankari dee hain mashaallah

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