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NIKAAH KE EHKAAM

तो जानते हैं लेकिन निकाह के हुकुक से नावाकिफ़ हैं| इसके साथ ही निकाह करने वाले ईमान की पाकिज़गी का भी अहसास होता हैं जिससे उसकी आंख, कान, हाथ ज़िना जैसे गुनाह से बचती हैं| अल्लाह के रसूल सल्लललाहो अलेहे…

शैतान का दोस्त वो दुशमन

एक मर्तबा खुदा ने शैतान को हुक्म दिया कि मेरे महबूब की बारगाह में हाज़िर हो और वो जो पूछें उसका जवाब दो,ये हाज़िर हुआ हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने पूछा कौन तो कहने लगा शैतान फिर पूछा क्यों…

Darood Sharif Kyu Padhna Chahiye

दरूद शरीफ क्यों पढ़ना चाइये, जानिए दुरूद शरीफ की 100 फ़ज़ीलत व बरकतें रेहमत-ए-आलम शफी-ए-महशर इमामुल अम्बिया हबीब-ए-खुदा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर दुरूद पढ़नेका हुक्म खुद अल्लाह रब्बुल आलमीन ने क़ुरआन-ए-करीम में फरमाता हैं, “बेशक अल्लाह और उसके फ़रिश्ते दरूदों…

Hatim Tai Ki Beti

हातिम ताई की बेटी क़ैद होकर बारगाहे रिसालत.ﷺ में आई और थोड़ा सा सर से दुपट्टा………..सर के चंद बाल या एक बाल नज़र आ रहा था…. आपनेﷺ हज़रत उमर رضی اللہ عنہ को फ़रमाया : उमर बेटी के सर पे…

Witr Kise Kahte Hai

जानते हो वित्र में हम हर रोज़ *अल्लाह* से एक वादा करते हैं और वो वादा भी इबादत की सबसे आखरी एक रकअत में होता है *दुआए क़ुनूत* एक अहद है अल्लाह سبحانہ و تعالی के साथ- एक मुआहिदा है-एक…

Nakhun Katne ka Sunnat Tarika

हदीस​ – हज़रत अनस रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी है कि मूंछे और नाखून तरशवाने और बगल और ज़ेरे नाफ के बाल मूंडने में हमारे लिए 40 दिन का वक़्त मुकर्रर किया गया है कि इससे ज़्यादा ना छोड़ें,और बेहतर…

अल्लाह ﷻ को ऊपर वाला बोलना कैसा और भी कुछ ज़रूरी मसाऐल

कुछ लोग अल्लाह ﷻ का नाम लेने के बाजाऐ उसको ऊपर वाला बोलते हैं ये निहायत गलत बात है बल्किह अगर ये अक़ीदह रख कर ये लफ्ज़ बोले कि अल्लाह ﷻ ऊपर है तो ऐ कुफ्र है कियोंकि अल्लाह ﷻ…

Juma khutba In Hindi | जुमा का खुतबा हिंदी में

जुमा पढने के लिए जुमा का खुतबा सुनना शर्त है बगैर खुतबा पढे जुमा की नमाज अदा नहीं होती इस लिए आसान तरीके से हम आप को बतायेगें अस्सलामु अलैकुम राहेमुतुल्लाहि व बरकातु प्यारे इस्लामी भईयों और बहनों जुमा का…

बैतूल खला व इस्तिंजा के आदाब

Toilet Etiquette Hindi | बैतूल खला व इस्तिंजा के आदाब Toilet Etiquette | बैतूल खला व इस्तिंजा के आदाब | Hindi मज़हबे इस्लाम की खासियत है कि उसने ज़िन्दगी के किसी किनारे को भी नहीं छोड़ा जहा उसने रहनुमाई न…

बेहद खास पोस्ट है पडिये ओर समझिये

***ईसलाम मे” जबर्दस्ती “निकाह” करना जायज़ नहीं,, इसलिए “निकाह मे लडकी या लडके की रजामंदी होना जरूरी है,, **** *****ईसलाम मे लडके लडकी को बराबर के हकुक दिये हैं,, मगर अब भी कुछ खानदान के मे बडों की मर्जी” मायने…