Islamic Blog

Islamic Updates




Quote

Islamic quotes in hindi

“जो अल्लाह की रह पर खर्च करने में कंजूसी करता है, वह असल में अपने ही साथ कंजूसी करता है।”

 

“जो अपने आपको जानता है, वह अल्लाह को जानता है।”

“जितना अधिक आप कुरान को पढ़ते हैं उतना अधिक आप अल्लाह के प्यार में पड़ेंगे।”

“अल्लाह के नजर में सर्वोत्कृष्ट सहचर वह है, जो अपने सहचरों के लिए सर्वोत्कृष्ट हो और सबसे अच्छा पडोसी वह है, जो अपने पडोसीयों के लिए अच्छा हो।”

“अगर तुम अल्लाह पर ईमान रखते हो क्योंकि उस पर ईमान रखा ही जाना चाहिए, तो वह तुम्हेँ ठीक वैसे ही देगा, जैसे वह परिन्दों को देता है। वे सुबह खाली और भूके पेट निकलते हैं और शाम को भरपेट होकर लौटते हैं।”

“सच्चा मोमिन खुशहाली में अल्लाह का शुक्रिया अदा करता है और जब वह मुफलिसी में होता है तो उसके इच्छा के प्रति समर्पित होता है।”

“सबसे अच्छा मुसलमानी घर वह है, जहां यतीम पलता है और सबसे बुरा घर वह है, जहां यतीम के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। ~ 

“अल्लाह अपने धर्म प्रचारकों के प्रति जो प्रेम करता है वह माता के द्वारा शिशु के प्रति किये जाने वाले प्रेम से अधिक है।”

“ज्ञान प्राप्त करो। वह व्यक्ति को सही और गलत में विवेक करने के योग्य बनाता है। वह जन्नत के ओ क्योंकि उस पर रास्ते को रोशन करता है।”

 

“जब सब कुछ सही हो रहा है तो अल्लाह का शुक्रिया अदा न करें, जब चीजें चुनौतीपूर्ण हों तभी उसका धन्यवाद करें।”

 

“वह हममें से नहीँ है, जो बच्चों के प्रति स्नेहवान नहीँ होता और बुजुर्गो की प्रतिष्ठा का सम्मान नहीँ करता और वह हममें से नहीं है, जो भलाई का हुक्म नहीं देता और बुराई को नहीं रोकता।”

 

“जब तुम बोलो तो सच बोलो, जब वचन दो तो उसे पूरा करो, अपने दायित्व का निर्वाह करो, व्यभिचार न करो, पवित्र बनो बुरे विचार मन में मत लाओ, अपने हाथ को रोको प्रहार करने से तथा उस चीज को ग्रहण करने से जो अवैध और बुरी है।”

 

“तुम तब तक जन्नत में प्रवेश नहीं कर सकोगे, जब तक ईमान न लाओगे और तब तक तुम्हारा ईमान पूरा नहीं होगा, जब तक तुम परस्पर प्यार न करोगे।”

 

“ऐ अल्लाह, मुझे तू अपना प्यार दे, मुझे वर कि मैं उनसे प्यार करूं, जो मुझे प्यारे हैं, मैं वह कम करूं, जिससे तेरा प्यार मिले, तू अपना प्यार मेरे लिए अपने आपसे, परिवार या धन से अधिक प्यारा बना दे।”

 

1. “शहादा” विश्‍वास की गवाही देना : “एक ही सच्चा परमेश्‍वर (अल्लाह) है और यह कि मुहम्मद अल्लाह का नबी (भविष्यद्वक्ता) है।

2. “सलात या नमाज़” प्रार्थना करना : पाँच प्रार्थनाओं का पालन प्रतिदिन करना चाहिए।

3. “सौम या रोज़ा” उपवास करना : कभी-कभी के उपवास के अतिरिक्त, सभी मुसलमानों को रमजान जो इस्लाम के पंचांग का नौवां महीना है, के महीने में किए जाने वाले उपवास को भी मनाना चाहिए।

4. “ज़कात” दान देना : एक व्यक्ति को आवश्यकता में पड़े हुओं की सहायता करनी चाहिए, क्योंकि सब कुछ अल्लाह की ओर से आता है।

5. “हज” हज़ पर जाना : मक्का की तीर्थयात्रा (मकाह) को जीवन में कम से कम एक बार अवश्य किया जाना चाहिए,(जो इस्लाम के पंचांग का बारहवां महीना है।

Best Islamic Quotes

 


1:-  सुकून ढूंढता फिरता था बहारों में मगर यह मुझे मिला कुरान के तीस पारो में.


2:-  कुरान ने लड़की को अपनी पसंद जाहिर करने का पूरा हक दिया है.


3:-  कुरान ए करीम की तिलावत इंसान के दिल से जंग को दूर करती है.


4:-  कुरान ए पाक वो वाहिद किताब है जिसमें कोई गलती नहीं है.


5:-  कोशिश किया करो तुम्हारे दिन का आगाज कुरान ए पाक की तिलावत से हो.


6:-  हम रोजाना इनबॉक्स खोलते हैं कि हमारे दोस्त ने कौन सा मैसेज भेजा है लेकिन क्या हम रोजाना कुरान खोलते हैं कि अल्लाह ने हमें कौन सा मैसेज दिया.


7:-  ए इब्ने – आदम कभी बिनते हवा की बेइज्जती ना करना, क्योंकि अल्लाह ने खुद कुरान में बिनते हवा के लिए सुराह निसा नाजिल की है.


8:-  नमाज जैसी कोई इबादत नहीं, हज जैसी कोई जियारत नहीं, कुरान जैसी कोई किताब नहीं, मदीने जैसा कोई शहर नहीं, ज़मज़म जैसा कोई पानी नहीं, कलमी जैसी कोई दौलत नहीं, दरूद पाक जैसा कोई खजाना नहीं और जुम्मा जैसा कोई दिन नहीं.


9:-  जब अल्लाह किसी को मुश्किल से निकालना चाहता है तो उसके लिए ऐसा रास्ता बनाता है जो इंसान की समझ से बाहर होता है.


10:-  अल्लाह के नजर में सर्वोत्कृष्ट सहचर वह है, जो अपने सहचरों के लिए सर्वोत्कृष्ट हो और सबसे अच्छा पडोसी वह है, जो अपने पडोसीयों के लिए अच्छा हो

समस्त संसार को बनाने वाला एक ही मालिक अल्लाह हैं। वह निहायत मेहरबान और रहम करने वाला है। उसी की ईबादत (पूजा) करो और उसी का हुक्म मानो।

अल्लाह ने इन्सान पर अनगिनत उपकार किए हैं। धरती और आकाश की सारी शक्तियॉ इन्सानों की सेवा मे लगा दी हैं। वही धरती और आकाश का मालिक हैं, वही तुम्हारा पालनहार हैं।

अल्लाह (यानि अपने सच्चे मालिक ) को छोड़कर अन्य की पूजा करना सबसे बड़ा पाप और अत्याचार है।

अल्लाह की नाफरमानी करके तुम उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकते। फरमाबरदार बनकर रहो, इसमें तुम्हारा अपना ही भला है।

अल्लाह की याद से रूह को सकून मिलता हैं, उसकी इबादत से मन का मैल दूर होता है।

अल्लाह की निशानियों ( दिन, रात, धरती, आकाश, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु आदि की बनावट ) पर विचार करो। इस से अल्लाह पर ईमान मजबूत होगा और भटकने से बच जाओगे।

मैं अल्लाह की ओर से संसार का मार्ग दर्शक नियुक्त किया गया हूॅ। मार्ग दर्शन का कोई बदला तुमसे नही चाहता। मेरी बातें सुनों और मेरी आज्ञा का पालन करो।

मै कोई निराला और अजनबी पैगम्बर नही हूॅं। मुझसे पहले संसार मे मार्ग दर्शन के लिए बहुत-से रसूल आ चुके हैं, अपने धर्म-ग्रन्थों में देख लो या किसी ज्ञानी व्यक्ति से मालूम कर लो। मैं पहले के पैगम्बर की शिक्षा को पुन: स्थापित करने और कपटाचारियों के बन्धन से मानव को मुक्त कराने आया हू।

मैं इसलिए भेजा गया हू कि नैतिकता और उत्तम आचार को अंतिम शिखर तक पहुॅचा दू। मैं लोगो की कमर पकड़-पकड़कर आग में गिरने से बचा रहा हू, किन्तु लोग हैं कि आग ही की ओर लपक रहे हैं।

मैं दुनियावालों के लिए रहमत बनाकर भेजा गया हूॅ। तुम लोगो के लिए आसानियॉ पैदा करो; मुसीबते न पैदा करो। मॉ-बाप की सेवा करो। उनके सामने ऊॅची आवाज से न बोलो। उन्होने तुम पर बड़ा उपकार किया है, अत: तुम उनके आज्ञाकारी बनकर रहों।

मॉ-बाप यदि अन्याय का आदेश दे तो न मानों, बाकी बातों में उनकी आज्ञा का पालन करो।

सारे मानव एक मालिक(अल्लाह) के पैदा किए हुए है, एक मॉ-बाप ( आदम-हव्वा ) की संतान हैं। उनके बीच रंग-नस्ल जाति, भाषा, क्षेत्रीयता आदि का भेद भाव घोर अन्याय है। सारे लोग आदम की सन्तान है, उनसे प्यार करो घृणा न करो। उन्हे आशावान बनाओं निराश मत करो।

मानव में श्रेष्ठ वह हैं जो दूसरों का हमदर्द, पवित्र आचरण वाला और अपने पालनहार ( अल्लाह ) का आज्ञाकारी हैं।

तुम धरती वालों पर दया करो, आकाशवाला ( अल्लाह ) तुम पर दया करेगा।

वह व्यक्ति सब से अच्छा हैं जो अपने घरवालों और पड़ोसियों के लिए अच्छा हैं।

Asalam-o-alaikum , Hi i am noor saba from Jharkhand ranchi i am very passionate about blogging and websites. i loves creating and writing blogs hope you will like my post khuda hafeez Dua me yaad rakhna.
mm
Latest posts by Noor Saba (see all)
mm
Asalam-o-alaikum , Hi i am noor saba from Jharkhand ranchi i am very passionate about blogging and websites. i loves creating and writing blogs hope you will like my post khuda hafeez Dua me yaad rakhna.