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Istikhara ki Dua Ka Tarika / इस्तिखारा की दुआ – Istikhara ki Dua

Istikhara ki Dua

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इस्तिखारा की दुआ / Istikhara ki Dua

क्या है इस्तिखारा की दुआ :-

जब हम अपनी निजी ज़िंदगी में कोई जरुरी काम करना होता है तो उसके लिए हम अल्लाह के आगे जो दुआ करते है अल्लाह की रजामंदी लेने क लिए और यह जानने क लिए की वो हमें काम करना चाहिए या नहीं और वो काम क्या मेरे लिए सही रहेगा की नहीं उसको इस्तिखारा कहते है || फिर अल्लाह का पैगाम या तो हमें ख्वाब में या फिर हमारे ज़ेहन में मिल जाता है ||

इस्तिखारा की दुआ करने का तरीका :-

1. सबसे पहले वुदू कर लें ||

2. अपने दिमाग में चल रही बातों को दिमाग से निकाल लें ||

3. अपने दाएं हाथ की अंगूठे के साथ वाली ऊँगली आसमान की तरफ करके नीचे दी गयी दुआ पढ़ें ||

|| दुआ ||

“ऐश-हादु आला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीकालहु, व ऐश-हादु एना मुहम्मदन ‘अब्दुहू व रसूलुहु.”

4. अब खड़े होकर अपने दोनों हाथ कानो तक उठा लें और बोले अल्लाह हु अकबर ||

5. फिर ता तावुज़ और तसमिआह क साथ इस्तेफ़तेह दुआ पढ़ें ||

|| तावुज़ ||

“अ’ुज़ू बिल-लहि मिनाश सहायता-नीर-राजिम,”

|| तसमिआह: ||

“बिस्मिल्लाह हीर-रह्मा नीर-रहीम,”

7. सलत इस्तिखारा दुआ करने से पहले एक बार सूरह फातिहा पढ़ें ||

|| सूरह फातिहा : ||

ल्हम्दुल लील-लहि रब-बिल ‘आलमीन
अर रहम नीर-रहीम
मलिकी यवमिद-दीन
इय्याका न ‘बुढ़ऊ व इय्याका नास्ता’इन
इहदिनस सिरातल मुस्तक़ीम
सिरातल लज़ीना अन्य’अमता ‘अलैह आईएम
है-रील मघडी ‘अलैहिम
वलद डाल-लीन. अमीन.

8. उसके बाद सूरह अल काफ़िरून पढ़ें ||

|| सूरह अल काफूरिन : ||

कुल या-ऐ युहल काफ़िरून
ला अ’बुढ़ऊ माँ त’ाबूदूं
व ला अन्तुम ‘आबिदूना माँ अ’बड
व ला आना ‘अबिदुम माँ ‘अबत्तुम
व ला अन्तुम ‘आबिदूना माँ अ ‘बड
लकुम दिनुकूम व लिया दीन.

9. फिर नीचे दी गयी इस्तिखारा दुआ पढ़ें ||

|| इस्तिखारा दुआ : ||

अल्लाहुम्मा इन्नी असताखीरुका बी िलमिका व-असतक्दीरुका बिकुड़रातिका व-अस’ालुका मीन फधलिका अल-अधिम | फ इनका तक़्दीरु वाला अक़्दीरु | व ता’लामू वाला आ’अलमु व अंता अल्लामुल घूयूब |||
अल्लाहुम्मा इन कुंता ता’लामू एना हाडहल-अम्र खैरुन लिए फ़िय दयनीय व-मा’आशिय व-‘आक़िबत अमरिय, फ़क़दूर हु लिए व- लिए थुम्मा बारीक लिए फ़ीहि व इन-कुंता ता’लामू एना हाडहल अम्र शाररून लिए फ़िय दयनीय व-मा’आशिय व-‘आक़िबत अमरिय | फ असरीफु ‘अन्नी व-श्रिफ़नी ‘अन्हु || व अक़दुर लिअल खैरा हेतु काना थुम्मा आ-रधिनीय बिही |||

नोट : यह दुआ आपको सोने से पहले करनी है और इसको करने के लिए कोई भी हद नहीं है यह दुआ आप तब तक रोज़ पढ़ सकते है जब तक आपको अल्लाह ताला की तरफ से जवाब नहीं मिल जाता || इस दुआ को केवल हलाल के कामो क लिए ही इस्तेमाल करें ||

|| अगर आपका कोई भी सबाल है तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में आप बेझिजक पूछ सकते है ||

 Istikhara Ki Dua in Roman English

Allaahumma ‘innee ‘astakheeruka bi’ilmika, wa ‘astaqdiruka biqudratika, wa ‘as’aluka min fadhtikal-‘Adheemi, fa’innaka taqdiru wa laa ‘aqdiru, wa ta’lamu, wa laa ‘a’lamu, wa ‘Anta ‘Allaamul-Ghuyoobi, Allaahumma ‘in kunta ta’lamu ‘anna haathal-‘amra-[then mention the thing to be decided] Khayrun lee fee deenee wa ma’aashee wa ‘aaqibati ‘amree – [or say] ‘Aajilihi wa ‘aajilihi – Faqdurhu lee wa yassirhu lee thumma baarik lee feehi, wa ‘in kunta ta’lamu ‘anna haathal-‘amra sharrun lee fee deenee wa ma’aashee wa ‘aaqibati ‘amree – [or say] ‘Aajilihi wa ‘aajilihi – Fasrifhu ‘annee wasrifnee ‘anhu waqdur liyal-khayra haythu kaana thumma ‘ardhinee bihi

इस्तिखारा की दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمِكَ وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ الْعَظِيمِ، فَإِنَّكَ تَقْدِرُ وَلاَ أَقْدِرُ وَتَعْلَمُ وَلاَ أَعْلَمُ وَأَنْتَ عَلاَّمُ الْغُيُوبِ، اللَّهُمَّ إِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الأَمْرَ ‭[फैसले का इजहार करें]‬ خَيْرٌ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاقْدُرْهُ لِي وَيَسِّرْهُ لِي ثُمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ، وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الأَمْرَ شَرٌّ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ، وَاقْدُرْ لِي الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ أَرْضِنِي بِهِ

استكھارا کی دعا

کیا ہے استكھارا کی دعا: –

جب ہم اپنی جيات زندگی میں کوئی ضروری کام کرنا ہوتا ہے تو اس کے لئے ہم اللہ کے آگے جو دعا کرتے ہیں اللہ کی رضامندی لینے ا اور یہ جاننے ا کی وہ ہمیں کام
کرنا چاہئے یا نہیں اور وہ کام کیا میرے لئے صحیح رہے گا کی نہیں اس کو استكھارا کہتے ہیں | پھر اللہ کا پیغام یا تو ہمیں خواب میں یا پھر ہمارے ذہن میں مل جاتا ہے ||

इस्तिखारा की दुआ का मतलब

हे अल्लाह, मैं आपके [बेइंतिहा] इल्म के जरिए बेहतरी माँगता हूं, और मैं आपसे अापकी कुदरत के जरिए से शक्ति माँगता हूं, और मैं आपका असीम फजलो करम माँगता हूं। क्योंकि आप पूरी तरह काबील हैं, जबकि मैं नहीं। आप सबकुछ जानते हैं, और मैं नहीं, और आप सब कुछ जानते हैं जो अनदेखी है। हे अल्लाह, अगर आप जानते हैं कि यह फेसला [फैसले का इजहार करें] मेरे मजहब, मेरी दूनीया और आखीरत के नतीजे के लिए अच्छा है, तो इसे पूरा करें, इसे मेरे लीए आसान करें और मेरा इसके जरिए भला करें। लेकिन अगर आप जानते हैं कि मेरे मजहब, मेरी दूनीया और आखीरत के नतीजे पर इसका बुरा असर है, तो इस फैसले को मूझसे फिरा दीजिये और मुझे इससे दूर कर दीजिये, और [इसके बजाय] मूझे कूछ बेहतर दीजिये, वो चाहे जो भी हो, उसके जरिए मूझे इत्मीनान दीजिये

 

استكھارا کرنے کا طریقہ: –

1. سب سے پہلے ودو کر لیں ||

2. آپ کے دماغ میں چل رہی باتوں کو ذہن سے نکال لیں ||

|| دعا ||

“عیش هاد طاق الہ اللللاه وهدهو لا شريكاله، اور عیش هاد عینا مهممدن ‘ابدهو اور رسوله.”

3. اب کھڑے ہو کر اپنے دونوں ہاتھ کانوں تک اٹھا لیں اور بولے اللہ ہ اکبر ||

4. پھر تا اوذ اور تسماه ا ساتھ استےفتےه دعا پڑھیں ||

| تاوذ ||

“ا’ذو بل له مناش مدد-نیر-راجم،”

||| تسماه: ||

“بسم اللہ ہیر-رهما نیر-رحیم،”

7. نماز استكھارا دعا کرنے سے پہلے ایک بار سورہ فاتحہ پڑھیں ||

|| سورہ فاتحہ: ||

لهمدل اتارنا Lil-له رب-بل ‘العالمین
ار رحم نیر-رحیم
ملكي يومد الدین
ايياكا نہ ‘بڑھو اور ايياكا ناستا’ن
اهدنس سراتل مستقیم
سراتل لذينا اني’متا ‘علیہ آئی ایم
ہے-ریل مگھڈي ‘الےهم
ولد ڈال-جذب. امین.

8. اس کے بعد سورہ امام كافرون پڑھیں ||

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|| سورہ امام كاپھورن: ||

کل یا-اے يهل كافرون
لا ا’بڑھو ماں ت’ابودو
اور لا انتم ‘ابدونا ماں ا’بڈ
اور لا آنا ‘ابدم ماں’ ابتتم
اور لا انتم ‘ابدونا ماں السلام’ بڈ
لکم دنكوم اور لیا دین.

9. پھر نیچے دی گئی استكھارا دعا پڑھیں ||

|| استكھارا دعا: ||

 

اللھم انی استاكھيركا بی المكا و استكديركا بكڑراتكا و اس’الكا مطلب پھدھلكا القاعدہ ادھم | پھ ان تقدير والا اقدير | اور تا’لامو والا ا’لم اور اتا اللامل گھويوب |||
اللھم ان كتا تا’لامو عینا هاڈهل-امر كھےرن لئے في قابل رحم و ما’اشي و’اقبت امري، فقدور ہ لئے و- لئے تھمما باریک لئے فيه و ان-كتا تا’لامو عینا هاڈهل امر شاررون لئے في قابل رحم اور -ما’اشي و’اقبت امري | پھ اسريپھ ‘انني و شرفني’ عنہ || اور اقدر لل کھیرا کیلئے کنا تھمما آ ردھنيي بهي |||

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Safar Ki Dua Hindi,English and Arabic – सफर की दुआ

As-salam-o-alaikum my selfshaheel Khan from india , Kolkatamiss Aafreen invite me to write in islamic blog i am very thankful to her. i am try to my best share with you about islam.
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As-salam-o-alaikum my self shaheel Khan from india , Kolkata miss Aafreen invite me to write in islamic blog i am very thankful to her. i am try to my best share with you about islam.