Islamic Blog

Islamic Updates







Latest post

9 aur 10 Muharram ka Roza

Fasting of 9 and 10 Muharram or 10th & 11th (9 aur 10 Muharram ka Roza ) Abdullah Bin Abbas (Radhiallahuanhu) se rivayat hai ki Jab Roza rakha RASOOL ALLAH (Sal lal lahu Alaihi Wa sal lam) Ne Aashurey ke…

दुनिया की हक़ीकत

#ﺑِﺴْــــــﻢِﷲِﺍﻟـــﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلْـــرﺣــــــِﻴﻢ दुनिया की हक़ीकत हदीस:- मौला ने जन्नत को मुशकिलात से और जहन्नम को आराईश से घेर दिया है। (मिश्कात शरीफ़,जिल्द 1,सफ़हा 505) हदीस:- एक मर्तबा हुज़ूरﷺ का गुज़र एक मुर्दा बकरी पर हुआ आपने फ़रमाया कि क्या ये बकरी…

Chahal Hadees – चैहल हदीस

1. सुब्हा के वक़्त का सोना रिज़्क को रोकता है। 2. बात करने से पहले सलाम किया करो। 3. पाकी आधा ईमान है। 4. वजु नमाज़ की कुंजी है। 5. नमाज़ दिन का सुतून है।               6. दुवा इबादत का…

Kabristan me jaane ke Adab

सवाल :- क्या क़ब्रिस्तान के अंदर जूते – चप्पल पहनकर जा सकते हैं? जवाब :- शरीअत का हुक्म येह है कि क़ब्रिस्तान में अगर दफ़्न करने जाये तो जूते – चप्पल उतार ले और क़ब्र वालों केलिये बख़्शिश की दुआ करता…

जहन्नम क्या है.?

** जहन्नम क्या है.? ** •• ** क़िस्सा एक बुज़ुर्ग का ** •• एक मशहुर बुज़ुर्ग थें अपने सादगी के आलम में पुराने कपडे डाल कर एक तंदुर की दुकान पर गए और कहा मुझे एक रोटी दे दो। दुकानदार…

Eid Ul Adha Ki Ibadat

Hazrat Ibrahim khaliullah aur Hazrat ismail jabihullah ki kurbanion ne is Mubarak mahine ko qayanat tak ke liye tarikhi yaadgaar bana diya. Iske alawa ibadat wa riyazat ke ayetbaar se bhi yah bada Mubarak mahina hai. Allah paak ne apne…

इस्लाम में कुफ्फार मुर्दे और मोमिन मुर्दो का फर्क

इस्लाम में कुफ्फार मुर्दे और मोमिन मुर्दो का फर्क (अन्तर) : शेख नज्दी (मोहम्मद बिन अब्दुल वहाब), जो हम्फ्रे और लॉरेंस नामक यहूदी और ईसाई जासूस के संपर्क में था , वह न केवल सहाबा कराम (रिज्वान-अल्लाह तआला अलैहिम अज्मइन)…

बेवा और तलाक़ याफ्ता औरतें कहां जाएं

हमारे माशरे में अक्सर ख्वातीन जिनकी तलाक़ हो जाए या उनका शौहर मर जाए तब उनको लोग 1 अजीब औरत समझने लगते हैं तलाक़ याफ्ता और बेवा होना कोई ऐब तो नहीं बस तक़दीर का फैसला है अब अक्सर देखा…

Qur’an ko Samajhna Aasaan Hai

Bismillah Hirrahman Nirraheem Shah Waliullah Muhaddith Dehelvi Rahmatullahi Alaih Ne Likha Hai, Quran Majeed ko Samajhne k 2 Level Hai. 1. Awamunnas ka Level: ye itna hai k humare samne koi Quran padh raha ho to hume pata chale k…

Aurat Aur Islam

Islam ke aane se pehle aurat ka koi maqam nahi tha … Aurat aurat nahi samjhi jati thi …. Hindu dharam mai Aurat ka ye maqam tha ki agar uska Husband (Shohar) mar jaye to patni ko uski chita par…